कलेक्टर ने टीकाकरण रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
उत्तर बस्तर कांकेर : केन्द्र शासन की योजना नेशनल एनिमल डिसीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत जिले में गौवंशीय एवं भैसवंशीय पशुओं में मुंहपका खुरपका रोग के विरूद्ध सघन टीकाकरण अभियान 01 मार्च से प्रारंभ हो गया है, जो 31 मार्च तक चलेगा। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिला कार्यालय परिसर से इसका शुभारंभ करते हुए टीकाकरण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें ने बताया कि मुंहपका एवं खुरपका रोग फटे खुर वाले पशुओं का अत्यंत संक्रामक एवं घातक विषाणुजनित रोग है, जो गाय, भैंस, भेड़ बकरी सूअर आदि पशुओं को प्रभावित करता है। इस रोग की प्रमुख विशेषता यह है कि रोग अत्यधिक तेजी से पशुओं में फैलता है। इस रोग के होने पर पशु को तेज बुखार के साथ मुंह, मसूड़े, जीभ के ऊपर-नीचे होंठ के अंदर का भाग, खुरों के बीच की जगह पर छोटे-छोटे दाने उभर आते हैं, जो कि आपस में मिलकर छालों का रूप लेता है। मुंह में छाले होने से पशु के मुंह से लगातार लार गिरती रहती है एवं खुर में छालों के कारण पशु लंगड़ा कर चलता है। पशु खाना पीना छोड़ देता है और सुस्त पड़ जाता है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि इससे दुधारू पशुओं में दूध की उत्पादन कम होता है तथा बैलों की कार्यक्षमता कम हो जाती है। इसकी रोकथाम ही नियंत्रण का कारगार उपाय है तथा रोकथाम के जरिये समस्त पशुओं का टीकाकरण किया जाना है। टीकाकरण की आवश्यकता अनुरूप एवं रोग उन्मूलन हेतु केन्द्र शासन द्वारा यह टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत पशुधन विकास विभाग के समस्त मैदानी विभागीय अमले में कुल 76 दल गठन कर प्रतिदिन अलग-अलग ग्रामों में निःशुल्क टीकाकरण का कार्य किया जाएगा। उन्होंने समस्त पशुपालकां से अनुरोध किया है कि वे अपने गौवंशीय-भैसवंशीय पशुओं में टीकाकरण अवश्य कराएं।
राशिफल 14 सितम्बर 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले को दी 183 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
रायगढ़ के रामलीला मैदान में 14 से 23 सितंबर तक सजेगा चक्रधर समारोह का भव्य मंच
कठिनाईयों और संघर्ष के बावजूद अपनी पहचान और गौरव को बनायें रखने वाले सिंधी समाज पर सभी को गर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह