रायपुर| छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग से इस वक्त की सबसे बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है, जहाँ राज्य पुलिस सेवा में एक बहुत बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, गतिशील और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर तबादला और नई पदस्थापना सूची जारी की है। इस नए आदेश के तहत, हाल ही में पदोन्नत (प्रमोट) हुए राज्य पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को नई प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। गृह विभाग द्वारा आधिकारिक तौर पर जारी किए गए इस फेरबदल के आदेश के अंतर्गत कुल 15 नव-पदोन्नत पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर करते हुए उन्हें अलग-अलग महत्वपूर्ण विंग और जिलों में तैनात किया गया है।

एसटीएफ, स्पेशल ब्रांच और विभिन्न बटालियनों में दी गई नई तैनाती

आधिकारिक आदेश पत्र के विवरण के अनुसार, इस प्रशासनिक फेरबदल में राज्य पुलिस सेवा के 2 पुलिस उपाधीक्षक (DSP) विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच) और 13 सहायक सेनानियों (असिस्टेंट कमांडेंट) के नाम शामिल हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित किया गया है। इन सभी अनुभवी और पदोन्नत अधिकारियों की नियुक्तियां राज्य के अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विंग्स में की गई हैं, जिनमें स्पेशल टास्क फोर्स (STF), पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा और राज्य की विभिन्न सशस्त्र पुलिस बटालियनें शामिल हैं।

गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से पूरे राज्य में लागू माना जाएगा। प्रशासनिक गलियारों में इस बड़े बदलाव को लेकर यह चर्चा है कि आने वाले समय में विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक सुचारू, पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने के लिए ही यह बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है।

पुलिस मुख्यालय ने देर रात 64 निरीक्षकों के भी किए थे तबादले

इस बड़े फेरबदल की पृष्ठभूमि पहले ही तैयार हो चुकी थी, जब इससे ठीक पहले पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार की देर रात राज्य के 64 पुलिस निरीक्षकों (टीाई/Inspectors) के तबादले का थोक आदेश जारी किया था। इस व्यापक तबादला सूची के माध्यम से पुलिस कप्तानों और थाना प्रभारियों को अलग-अलग जिलों और तकनीकी इकाइयों में नई कमान सौंपी गई है।

यह महत्वपूर्ण आदेश पुलिस स्थापना बोर्ड (Police Establishment Board) की उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए कड़े फैसलों और गहन समीक्षा के आधार पर पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम द्वारा आधिकारिक रूप से जारी किया गया था। इस आदेश के बाद से ही पूरे महकमे में हलचल तेज हो गई थी।

नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग और मैदानी इलाकों के बीच हुआ बड़ा फेरबदल

विभागीय सूत्रों और प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, इस ट्रांसफर लिस्ट में सबसे खास बात यह रही कि बड़े पैमाने पर समन्वय बनाने की कोशिश की गई है। सूची में शामिल अधिकांश निरीक्षकों को लंबे समय से नक्सल प्रभावित और संवेदनशील जिलों में तैनात रहने के बाद अब राहत देते हुए मैदानी जिलों (शहरी और सुगम इलाकों) में स्थानांतरित किया गया है। इसके विपरीत, कई ऐसे अधिकारियों को जो लंबे समय से मैदानी और शांत इलाकों में जमे हुए थे, उन्हें बस्तर डिवीजन (संभाग) के चुनौतीपूर्ण और अंदरूनी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के लिए भेजा गया है।

प्रशासन द्वारा साफ किया गया है कि ये सभी तबादले जनहित और प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और आगामी आदेश जारी होने तक यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर अनिवार्य रूप से प्रभावी रहेगी।