इंदौर: बीजेपी विधायक और प्रदेश प्रवक्ता उषा ठाकुर ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा है। इसके साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), धार भोजशाला और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर भी खुलकर अपनी बात रखी है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा:

राहुल गांधी पर निशाना और 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने'

राहुल गांधी द्वारा 'कॉकरोच जनता पार्टी' से कांग्रेस के मिलने की बात पर पलटवार करते हुए उषा ठाकुर ने कहा कि यह देश का बड़ा दुर्भाग्य है। जिस राजनीतिक दल ने सालों तक देश का नेतृत्व किया, आज वह इतना कमजोर हो गया है कि कल की आई छोटी-मोटी पार्टियों से सहयोग मांग रहा है।

राहुल गांधी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पद से हटाने की बात कही थी, उषा ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने से कोई किसी को नहीं रोक सकता। देश की जनता उनके किसी भी षड्यंत्र का हिस्सा नहीं बनेगी।

यूसीसी देश का प्राण और अनिवार्य आवश्यकता

समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन करते हुए बीजेपी विधायक ने कहा कि अच्छे कामों का विरोध हमेशा होता है, लेकिन यूसीसी इस देश का प्राण है। देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना बेहद जरूरी और अनिवार्य आवश्यकता है, जिसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए।

धार भोजशाला विवाद पर कानूनी रुख

धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर उषा ठाकुर ने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट ने भोजशाला को मंदिर माना है और वहां पूजा करने के अधिकार भी दिए हैं। उन्होंने बताया कि मुस्लिम पक्ष इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाना चाहता है, लेकिन हमारी तरफ से पहले ही 'कैविएट' (Caveat) दायर कर दी गई है। इसका मतलब यह है कि कोर्ट कोई भी फैसला सुनाने से पहले हमारा पक्ष भी जरूर सुनेगा। उन्होंने कहा कि हम जो भी प्रयास करेंगे, पूरी तरह संवैधानिक तरीके से करेंगे।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग का समर्थन

पूर्व राष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उषा ठाकुर ने कहा, "देर आए, दुरुस्त आए।" उन्होंने गाय को बचाने की बात कहने के लिए पूर्व राष्ट्रपति का धन्यवाद किया।

उषा ठाकुर ने कहा कि गाय की बलि तो कुरान में भी वर्जित (निषेध) है। गाय कभी यह भेदभाव नहीं करती कि वह किसी मुस्लिम के बच्चे को दूध नहीं पिलाएगी, गाय तो सबकी मां है। इसलिए अगर पूरे देश से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठ रही है, तो यह बहुत अच्छी बात है।