अंबिकापुर| छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में मंगलवार (23 जून) की शाम एक बड़ा वाकया सामने आया है, जहां बाल संप्रेक्षण गृह से 11 बाल कैदी चकमा देकर फरार हो गए। इस घटना के बाद से पूरे प्रशासनिक और पुलिस अमले में हड़कंप मच गया है। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। फरार हुए किशोर आरोपी सरगुजा, सूरजनगर और कोरिया क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस सरगर्मी से जुट गई है।

बारिश और गर्जना का उठाया फायदा, खिड़की तोड़कर हुए रफूचक्कर

मिली जानकारी के अनुसार, बाल संप्रेक्षण गृह के हाउस फादर मनीष कुशवाहा ने बताया कि यह पूरी घटना शाम करीब 7:30 बजे की है। रात का भोजन करने के बाद कुछ बच्चे अपने कमरों में सोने चले गए थे, जबकि कुछ बच्चे टीवी देख रहे थे। इसी बीच सुरक्षा में सेंध लगाते हुए अपचारियों ने बैरक की खिड़की तोड़ दी।

सुरक्षा में चूक की वजह: घटना के वक्त तेज गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो रही थी, जिसके शोर के कारण वहां तैनात दो सुरक्षाकर्मियों को खिड़की टूटने की भनक तक नहीं लगी। इसका फायदा उठाकर सभी 11 बाल कैदी दीवार फांदकर वहां से भाग निकले।

हत्या और दुष्कर्म जैसे संगीन मामलों के आरोपी हैं फरार किशोर

भागने वाले इन बाल कैदियों की उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच है। इन सभी पर हत्या, दुष्कर्म और चोरी जैसे बेहद गंभीर और संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाउस फादर के मुताबिक, फरार अपचारियों में अंबिकापुर के ही एक शातिर किशोर पर मुख्य रूप से शक जताया जा रहा है, जिसके खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में पहले से कई अपराध दर्ज हैं। अंदेशा है कि उसी ने बाकी साथियों को उकसाया और इस पूरी साजिश को अंजाम दिया।

नाकेबंदी कर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

गांधीनगर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चारों तरफ नाकेबंदी कर दी है। फरार बाल कैदियों की धरपकड़ के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर के प्रमुख रास्तों पर कड़ी चेकिंग चलाई जा रही है। इसके साथ ही पुलिस बाल संप्रेक्षण गृह में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि उनके भागने के रूट का पता लगाया जा सके। इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक रिपोर्ट जिला प्रशासन और बाल कल्याण समिति को सौंप दी गई है।