मानव तस्करी के संदेह में रोके गए बच्चे जाएंगे घर, जीआरपी और बाल कल्याण समिति करेगी रवाना
जबलपुर। रेल मंडल के कटनी स्टेशन पर गत 15 अप्रैल को रोके गए 163 बच्चों को वापस बिहार भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार के अररिया प्रशासन से 15 बच्चों की सामाजिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद अगले एक-दो दिन में बाकी बचे 160 बच्चों को ट्रेन से रवाना किया जाएगा।
बाल गृह से होगी रवानगी
मानव तस्करी के संदेह में उतारे गए इन बच्चों को वर्तमान में कटनी और जबलपुर के बाल सुरक्षा गृहों में रखा गया है। अब तक तीन बच्चों को उनके घर भेजा जा चुका है। बाल कल्याण समिति और जीआरपी की निगरानी में इन्हें अररिया की समिति को सौंपा जाएगा। रेलवे प्रशासन से बच्चों की वापसी के लिए विशेष बोगियों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है।
सभी आठ शिक्षक रिहा
जीआरपी ने मामले में संदिग्ध आठ शिक्षकों (सद्दाम, अमान उल्ला सहित अन्य) को लंबी पूछताछ के बाद शनिवार को छोड़ दिया है। शिक्षकों का दावा था कि वे बच्चों को महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में धार्मिक शिक्षा के लिए ले जा रहे थे। महाराष्ट्र के नांदेड़ और लातूर गई पुलिस टीमों को भी जांच में कोई नया सुराग या संदिग्ध दस्तावेज नहीं मिले हैं।

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का चयन, एशियाई खेलों में दिखेगा भारत का नया सितारा
‘बॉस बेबी’ सूर्यवंशी पर देश की नजर, भारतीय T20 टीम में मिली जगह
तृणमूल कांग्रेस में दस्तावेज लीक कांड, फर्जीवाड़े के आरोपों से सियासत गरमाई
बंगाल में राशन पर सियासी घमासान: असदुद्दीन ओवैसी बोले- 'प्रिंस शुभेंदु' की जेब का पैसा नहीं है, जनता के टैक्स से चलती हैं योजनाएं
सुबह 'सब ठीक है' का दावा, शाम को बगावत: सिंचाई मंत्रालय मिलने से भड़के रामलिंगा रेड्डी, सीएम शिवकुमार को भेजा इस्तीफा