उत्तराखंड का यह अनछुआ गांव है जन्नत जैसा, गर्मियों की भीड़ से दूर शांति का अहसास
देश के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने लगता है. ऐसे में तपती गर्मी से राहत पाने और अपनी छुट्टियों को एंजॉय करने के लिए कई लोग अपने परिवार या दोस्तों के साथ पहाड़ों और बर्फबारी वाली जगहों पर घूमने का प्लान बनाते हैं. जब भी बात पहाड़ी क्षेत्रों में घूमने की होती है, तो सबसे पहले हिमालय उत्तराखंड का नाम आता है. लेकिन इस दौरान यहां काफी भीड़-भाड़ देखने को मिलती है.
उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है. इसके अलावा इस जगह की प्राकृतिक सुंदर सबका मन मोह लेती है. यहां पर ऑली, चोपटा, चकराता, देहरादून और मसूरी जगह घूमने के लिए काफी लोकप्रिय है. लेकिन गर्मियों के छुट्टियों के दौरान यहां पर काफी भीड़-भाड़ देखने को मिल सकती है. इसलिए आप उत्तराखंड की इस खूबसूरत जगह पर घूमने जाने का प्लान बना सकते हैं. यहां आपको अपने परिवार के साथ शांति से समय बिताने का मौका मिल सकता है.
पेओरा
पेओरा का उत्तराखंड का फलों का कटोरा कहा जाता है. यहां सेब, खुबानी, आड़ू और आलूबुखारा जैसे फल काफी होते हैं. घने देवदार के जंगलों से घिरी यह जगह कुमाऊं क्षेत्र की सुरम्य घाटी के बीच बसी है. यहां जाने का सबसे सही समय मार्च, मई, जून या फिर सितंबर और अक्टूबर से लेकर दिसंबर है. अगर आप नैनीताल घूमने जा रहे हैं तब भी आप एक दिन के लिए यहां जा सकते हैं. यहां पेओरा लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर हैं और यहां पहुंचने में 2 घंटे लग सकते हैं.
पियोरा वन्य जीवन और पक्षी प्रेमियों के लिए बेस्ट जगह हो सकती है. यहां गांव में सैर के दौरान जंगल और अल्मोड़ा शहर से तारों से भरा आसमान देखने का मौका मिल सकता है. यहां पर कोई मार्केट नहीं है. इसलिए अपने जरूरी सामान साथ लेकर जाना सही रहता है. हां गांव की सैर के दौरान रंगीन पक्षी देखने को मिल सकते हैं.
पेओरा दिल्ली से लगभग 352 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. साथ ही यहां जानें के लिए काठगोदाम रेलवे स्टेशन से टैक्सी लेनी पड़ती है. इसके अलावा हल्द्वानी, बस स्टेशन से पेओरा पहुंचने में 3.5 घंटे लगेंगे. यहां भीड़-भाड़ कम होती है. पेओरा में आप ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग, और प्रकृति की सैर का आनंद ले सकते हैं. यह गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण जाना जाता है. फोटोग्राफी के शौकीन लोगों के लिए भी यह जगह बेस्ट रहेगी.

AAP के भीतर सियासी बयानबाजी तेज, Saurabh Bharadwaj का Raghav Chadha पर हमला
युद्ध का असर भारत तक: तारकोल महंगा, सड़क परियोजनाएं अटकीं
बिश्केक में भारत-चीन रक्षा मंत्रियों की बैठक, Rajnath Singh ने जताई खुशी
युवा क्रिकेटरों के सपनों को पंख, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन